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हमें बस उन...

हमें बस उन गुलाब की कलियों में छुपाके रखना था उल्फत की शबाब ; तुम्हारी होंठ बन गई कलि की पंखड़ी ! दिल ने यूही दे दिया मोहब्बत की जबाब |

By AYAN DEY
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