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जगलों में...
“
जगलों में पेड ही पेड हे शहरों मे भीड ही भीड हे "भीड " पेड काटती हे " पेड " भीड पालती हे फिरभी भीड शहरी कहलाती हे और ये पेड जंगली कहलाते हे ़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़ ***********चेतन*********** --------------------------
”
By
वैष्णव चेतन "चिंगारी"
79
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वैष्णव चेतन "चिंगारी"
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