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जब भी वो...
“
जब भी वो यहां आता था, मुझसे ज़रूर मिलता था.. उसका मुझसे और मेरा उससे बड़ा ही प्यारा रिश्ता था.. अब वो बड़ा चंचल हो गया फोर्ट ऑफ संचल हो गया.. जलता रहा मैं दोस्ती में और तप कर वो कंचन हो गया.. गोविन्द
”
By
Govind Singh
53
दोस्तीतुमहमप्यारlovelifequotepromise
रिश्ता
विजयकंचन
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Govind Singh
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