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जब भी तुमसे...

जब भी तुमसे दूर जाने का ख्याल आता है मेरा रोम रोम डर से कांप उठता है मेरी सांसें मेरा मन जैसे सिरहने लगता है विरहा का ये कैसा डर है कि इससे जान भी जाने लगती है

By Ajay Rajpoot
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