STORYMIRROR

ज़ीस्त सागर...

ज़ीस्त सागर में कश्ती है जिसकी पतवार है हमारे हाथ, आते हैं तूफ़ान लेकिन इनसे गुज़रना है हिम्मत के साथ। अगर छूट गई पतवार हाथ से, तो क़िस्मत ख़राब हो जायेगी, पकड़े रहे मज़बूती से, तो ज़ीस्त में खुशी की बारिश हो पायेगी।

By Amit Singhal "Aseemit"
 1


More hindi quote from Amit Singhal "Aseemit"
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments