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हर पल डर के साये में काट रहे जिंदगी ,मानो जीना कोई सज़ा है
झिझकते है खुल के खुशियाँ मनाने से,ऐसे जीने में भला आता क्या मज़ा है
खुद पर कर यकीं कर बढ़ता जा आगे,तेरा हौसला ही अब तक तेरे जीतने की वजह है
करता जा करम अपना होके बिंदास ओ बंदे!आगे होगा वही जो उस ऊपरवाले की रज़ा है…………….
आशी सचदेवा
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