STORYMIRROR

हर कुत्ता...

हर कुत्ता भौंकता है, कभी अपनी गली में कभी अंजान गलियों में, फ़र्क बस इतना रह जाता है कि अंजान गलियों में शेर की तरह दहाड़ आने वाला, राजा बनकर रॉब जमाता है और बांकी उनके पीछे बस दुम ही हिलाते रहते।

By Amitosh Sharma
 396


More hindi quote from Amitosh Sharma
2 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments
2 Likes   0 Comments