“ न मैं तुम्हारा , न हमारा, न मैं उसका , न इसका। न मैं संसार का, न ही परिवार का, क्योंकि अब शिव मुझमें और मैं उनमें, इसलिए शिवोऽहम्! शिवोऽहम्! ”
जो राम का नहीं वो ज़िंदा नहीं। ज़िंदगी सिर्फ़ और सिर्फ़ राम बनकर जीने में है, छक्कों के लिए कोई ज़िंदगी नहीं।।
I'm neither 'Bhumihar' nor 'Hindu', I'm just a Universal People, whose Universal Caste is 'Human' and Universal Religion is 'Humanity'
अनकहीं होती है रिश्तों की आंखमिचोली, ज्यादा पास रहने पर बुराई दिखने ही लगती है और सामने वाला ग़टर जैसा बदबू करता है, और जाने पर अच्छाई याद आती हीं है और वही गटर अनमोल लगता और खूबसूरत फूल की तरह खुशबू करता है।
सच्ची मोहब्बत सबसे महंगा नशा है, जो एक बार चढ़ जाए तो मौत फीकी लगे, चेतना जाए पर नशा धड़कते धड़कन की भांति बढ़ती चली जाए
प्यार तो वो है जो ना मिलने पर मिलने से अधिक मुकम्मल लगे, जब आंखों से खून बहे, होंठ सिसकन कि धुन सुनाए, दिल के गहरे समंदर में यादों की सुनामी तूफ़ान लाए। तभी सांसों की माला पे पी का नाम आए, मन मानो ठहरे पानी की तरह शांत हो जाए और आत्मा से उस परमात्मा को एक ही पुकार हो, की वो जहां भी रहे उसे बस मेरी उमर लग जाए।।