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हम तो दुआयें ही...
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हम तो...
“
हम तो दुआयें ही माँगते रह गये दुश्मन के लिए भी, हमारे लिए तो दोस्त भी बस बद्दुआ देते चले गये, सब के ज़ख्मों पर मरहम बेमतलब हम लगाते रहे, लोग हमारे ही ज़ख्मों पर नमक छिड़कते चले गये।
”
By
Juhi Grover
227
अपनोसेदुश्मनीकरजातेहैंलोग।आड़ेवक्तपरअपनेहीकामआतेहैं
दोस्तीतुमहमप्यारlovelifequotepromise
मरहम
नमक
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