STORYMIRROR

एक काल...

एक काल परिक्रमा 'असभ्य आदिम काल' से चलकर हम यहाँ पहुँचे हैं अब 'सभ्य आदिम काल' की ओर बढ़ रहे हैं। 0 से 180 डिग्री तक मानव यात्रा पूरी हुई है। आज मुकाम 200 डिग्री पर हैं। आगे 360 डिग्री (0 डिग्री) पर मानव पहुंचेंगा। यह 'एक पूर्ण काल परिक्रमा' होगी। अगली परिक्रमा तब मानव पुनः आरंभ करेगा।

By Rajesh Chandrani Madanlal Jain
 343


More hindi quote from Rajesh Chandrani Madanlal Jain
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments