STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
दृष्टि...
दृष्टि निर्दोष...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
दृष्टि...
“
दृष्टि निर्दोष हो तो व्यक्ति गुणों की खान दिखता है दृष्टि दोष हो तो व्यक्ति अवगुणी ही दिखाई देता है होते गुण-अवगुण दोनों सबमें दूषित दृष्टि अवगुणों को धिक्कार देती जबकि निर्दोष दृष्टि सद्प्रेरणा से अवगुणी-गुणी के गुण निखार देती है rcmj
”
By
Rajesh Chandrani Madanlal Jain
42
गुणों की खान
अवगुणी
अंधकारकोक्योंधिक्कारेअच्छाहैएकदीपजलाये।कर्मोंकीअद्भुतज्योतिसेअपनाजीवनपथचमकाये।
खुशी निखारा ख़ुदी
More
hindi quote
from
Rajesh Chandrani Madanlal Jain
सब देखें
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App