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दृष्टि निर्दोष...
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दृष्टि...
“
दृष्टि निर्दोष हो तो व्यक्ति गुणों की खान दिखता है दृष्टि दोष हो तो व्यक्ति अवगुणी ही दिखाई देता है होते गुण-अवगुण दोनों सबमें दूषित दृष्टि अवगुणों को धिक्कार देती जबकि निर्दोष दृष्टि सद्प्रेरणा से अवगुणी-गुणी के गुण निखार देती है rcmj
”
By
Rajesh Chandrani Madanlal Jain
41
गुणों की खान
अवगुणी
अंधकारकोक्योंधिक्कारेअच्छाहैएकदीपजलाये।कर्मोंकीअद्भुतज्योतिसेअपनाजीवनपथचमकाये।
खुशी निखारा ख़ुदी
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hindi quote
from
Rajesh Chandrani Madanlal Jain
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