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दोहा- अहसासो...

दोहा- अहसासों में जो बसा ,वह कब होता गैर। नित्य अहर्निश माँगिए,रब से उसकी खैर।। डाॅ बिपिन पाण्डेय

By डाॅ. बिपिन पाण्डेय
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