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बुलंद किया...
“
बुलंद किया है तेरे आशिको ने, मेरी मौत का फरमान फिर, सुना है जुगनुओं ने जैसे आज, सूरज से बगावत की हो... ✍️स्वपनिल
”
By
Swapnil Kulshreshtha
352
आशिक़ी
फ़रमान
सूरज
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