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भ्रमण करते...

भ्रमण करते हुए सूक्ष्म जीव निश्चित ही मेरे पाँव तले भी कुचले जाते होंगे मगर जिन्हें हम आसानी से देख पाते हैं, उनके कुचले होने का दृश्य मेरे मन में करुणा उत्पन्न करता है। किसी भी जीवन का अकाल अंत मुझे अच्छा नहीं लगता है rcmj

By Rajesh Chandrani Madanlal Jain
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