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आंसू झर -झर...

“ आंसू झर -झर बरस रहे है टूटे वादे बिखर रहे हैं मेघों को क्या हाल सुनाएँ वो तो यूं ही हर्ष रहे हैं पतझड़ आजा आनन-फानन बस संग लाना मेरे साजन :अपराजिता 'अजितेश' जग्गी ”

By Aprajita 'Ajitesh' Jaggi
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