आँखों-आँखों से कुछ कहने की, इनायतें थीं कभी, अब कुछ नहीं। वो रूठने की और मनाने की, आदतें थ... आँखों-आँखों से कुछ कहने की, इनायतें थीं कभी, अब कुछ नहीं। वो रूठने की और ...