इन हवाओं को, कुछ पल के लिए रोक लूँ, बस तुम्हारी, झील सी आँखों को निहारता रहूँ, इन हवाओं को, कुछ पल के लिए रोक लूँ, बस तुम्हारी, झील सी आँखों को निहारत...