दोहरी हुई कमर अब अकेले अपने दर्द को जीती है बैंगनी आकाश है,घुमड़ते मेघ हैं पर कौन लौटाऐगा मेरा ... दोहरी हुई कमर अब अकेले अपने दर्द को जीती है बैंगनी आकाश है,घुमड़ते मेघ हैं ...