गुजरना नहीं चाहता हूँ, फिर उसी खता से डर सा लगता है, अब उसकी वफ़ा से। गुजरना नहीं चाहता हूँ, फिर उसी खता से डर सा लगता है, अब उसकी वफ़ा से।