Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Anil Bajaj

Others

3.5  

Anil Bajaj

Others

वक्त

वक्त

1 min
173


ऐसा भी आया था वक्त, 

सब के पास था वक्त, 

मामला था बड़ा सख्त, 

हर कोई था भीतर से फक्कड़, 


सब को याद आ गयी नानी, 

करोना ने फेर दिया था पानी, 

लिख चुकी थी भयंकर कहानी, 

अब न चलेगी इंसान की मनमानी, 


अब तो सुघर जाओ ए इंसान, 

दुनिया के तुम चंद दिन के मेहमान, 

ये दुनिया है ऊपरवाले की शान, 

गुसताखी करोगे, तो निकल जाएगी जान.


ऐसा भी आया था वक्त, 

जब सब के पास था वक्त.


 





Rate this content
Log in

More hindi poem from Anil Bajaj