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Aanchal Jhamb

Others

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Aanchal Jhamb

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तमाशा

तमाशा

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देख तमाशा दुनिया का

यहाँ खुशियां बेची जाती हैं चंद रुपयों की खातिर

जान गंवाई जाती है ।


ना जाने कौनसी माया है

ना सुख ना चैन किसी ने पाया है

जहाँ चंद रुपयों की खातिर

ईमान लाखों का डगमगाया है ।।


होश नहीं है कर्मों की 

बेसुध होकर बस लालच में गिरता जाता है

देख तमाशा दुनिया का

जहाँ चंद रुपयों की खातिर 

इंसान खुशी को पैसों में तोले जाता है ।।


कैसी दुनिया की रीत है नई

जो पैसा दे बस वो है सही

यहाँ नहीं कोई किसी का अपना है

आओ देखें तमाशा दुनिया का

जहाँ रिश्तों से ज़्यादा पैसा पाना एक अनमोल सपना है ।।


खून के रिश्ते यहाँ भुलाए जाते हैं

दिल से क्या, ज़िन्दगी से लोग निकाले जाते हैं

आज यहाँ इस दुनिया में

पैसों के लिए घर और आशियां जलाए जाते हैं ।।


देख तमाशा इस पैसे का

आज यहाँ प्यार ठुकराया जाता है

यहाँ जहाँ चंद रुपयों की खातिर

इंसानियत को भुलाया जाता है ।।


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