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Indira Tiwari

Others

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Indira Tiwari

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समय छिपकली

समय छिपकली

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दिन में जगती 

रात में सोती 

समय पे रुकती 

समय पे चलती


कभी दिखे तो

कभी है छुपती 

लूका छिपी में

दिन भर खपती 


लटकी छत को 

नापा करती 

बिना गिरे ही 

सियाप्पा करती 


नज़र कभी जो 

पड़ेगी इस पर 

अच्छा समय 

टपकेगा तुम पर 


सारे शुभ मंगल

तुम्हारे होंगे

"समय छिपकली "

दिख जाएगी जिस पल ! 



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