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Karnica Banga

Others

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फूल

फूल

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मैं उगता हूँ

मैं दुकानो में बिकता हूँ में खूबसूरत हूँ,


या सबको दिखता हूँ ऐ इंसान, तू तोड़ता है मुझे

पता तो होगा कैसा लगता है, क्यूँकि किसी ने तो तोड़ा होगा तुझे,


तुझमें और मुझमें फ़र्क़ सिर्फ़ इतना 

मानो हो कंकर जितना,


मैं हूँ रंगो से भरा, वो रंग जो दिल को भाते हैं

तू भी रंगो से भरा, बस तेरी चालें गिरगिट कहलाते हैं,


ना मेने कभी किसी में फ़र्क़ देखा 

तूने तो अपनाई ही है वही रेखा,


तू बन नहीं सकता फूल जैसा

क्यूँकि तू हो गया है चूर चूर जैसा!

 


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