STORYMIRROR

Reshma Beherani

Others

4  

Reshma Beherani

Others

ऑनलाइन

ऑनलाइन

1 min
340


हां ,मुझे मम्मा चाहिए ....ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन चाहिए..... 

जब मुझे उसकी जरूरत हो तो वह मेरे पास चाहिए ...

मॉडन जींस और टॉप में नहीं... घर की साधि ड्रेस या साड़ी में चाहिए ....

मुझे मेरी मम्मा चाहिए ...ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन चाहिए ....

जब चाहूँ उस के पल्लू से अपना मुंह पोछ लूँ....उसकी गोदी में जब चाहे सर रख के सो जाऊं ...रात में सोते वक्त मोबाइल में गेम नहीं....प्यार से थपकी देते हुए ,कहानी ,गीत ,लोरी सुनाए ....हां मुझे मम्मी चाहिए ...ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन चाहिए ....फोन से मंगवाए नहीं चाहिए हमें बर्गर पिज़्ज़ा....जो घर पर ही बनाएं कुछ खाना अच्छा ....ऐसा उसके हाथों में प्यार चाहिए ....हां मुझे मम्मी चाहिए ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन चाहिए ...

 .ना फोन होगा ना मम्मी पापा की तकरार होगी .,.आपस में बैठकर बातें 2 ,4 होगी ....अकेलेपन से दूर होंगे हम ऐसा मम्मा का साथ चाहिए ...

.हां मुझे मां चाहिए ....पर आप ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन चाहिए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Reshma Beherani