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tahalka rajsthani

Children Stories

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tahalka rajsthani

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my dear son: prateek and kartik

my dear son: prateek and kartik

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My dear sons,,,,,,, आज मैं तुम्हें जिंदगी का वो सच बताने जा रहा हूँ, जो हर किसी के जीवन में घटती है, और आगे भी ।जहाँ आज मैं हूँ कल तुम दोनों होंगे, हाँ वो समय नहीं होगा जो आज है वो रहन, सहन खान पान, बोल चाल नहीं होगा जो आज है ।

लेकिन वो दिन जरूर रहेंगे जिनका में आज जिक्र करने जा है हूँ ।।तुम्हें जिन्दगी में बहुत दोस्त मिलेंगे कुछ ऐसे भी जो अपने मतलब से तुम्हें दोस्त बनाएंगे,, कुछ ऐसे भी दोस्त मिलेंगे जो शायद तुम्हें अपने से ज्यादा चाहते हो, ,शायद तुम किसी के ऐसे दोस्त बनोगे जिससे तुम पैसे के लिए दोस्ती करो, ,,तुम्हें जिंदगी में धोखा भी मिलेगा या फिर तुम किसी को धोखा दोगे अपने फायदे के लिए तुम किसी भी हद तक गिर सकते हो, ,एक वो समय भी आयेगा जब तुम अपनो से दगा करोगे, अपने भाई से शायद,,,,,,,,,,,,,,,,22/10/2018, time 11:35, day monday, place- nidar village harmada jaipur,,,

बाप बनना कितनी खुशी की बात है, उससे ज्यादा खुशी माँ को होती है चाहे लड़का हो या लड़की ।लेकिन ये सब पता क्यों किया जाता है, ??जब हम बूढ़े होंगे तो हमारा कोई तो सहारा होना चाहिए, जैसे हम आज इन बच्चों को पाल रहे, खिला रहे, कल को हमें ये बुढ़ापे में खिलाये, ,हर माँ बाप की यही तमन्ना होती है ।

सबसे ज्यादा खुशी तब होती है, जब लड़का बाप के कंधे तक आने लगे जब वो बाप का पहला सहारा बने उसके हर काम में साथ दे, अच्छे बुरे की समझ हो जाये, ,पापा जी आप रहने दो मैं कर लूँगा, या में वो चीज लेकर आता हूँ, अब आप आराम करो, ,मैं हूँ ना,, कितना सुकून मिलता एक पिता को,

लेकिन एक दिन ऐसा आयेगा की उसने सोचा भी नहीं होगा उसको पता तो था की बच्चों की शादी करनी, घर में एक बहू आयेगी, क्या क्या सपने संजोये बैठी है वो माँ, गाली मोहल्ले में उसकी मां को ही सबसे ज्यादा पूछ रखे है, ,अरे सबिता भाभी जी आपने खाना खाया की नहीं, कोई कौन मेहमान आ रहे, ,बहू के ससुराल वाले कैसे है, ,अगेरा वगेरा सवाल करते है, ,और माँ इतनी खुश भी रहती है, और दुःखी भी

एक दिन वही बेटा अपनी बहू के साथ अपने माँ बाप को उनके हाल पर छोड़ कर, निकाल जाता अपने जीवन के उस पथ पर जहाँ सिर्फ और सिर्फ दुःख ज्यादा खुशी कम।



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