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Gaurav Bhardwaj

Children Stories

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Gaurav Bhardwaj

Children Stories

मेरी बिल्ली

मेरी बिल्ली

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मेरी बिल्ली, काली-पीली

पानी से वो हो गयी गीली,

गीली होकर लगी कांपनें

आछी आछी लगी छींकने।

मैं फिर बोली-कुछ तो सीख ,

बिन रूमाल के कभी ना तू छींक।




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