lockdown
lockdown
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कैसा ये महामारी आया,
जन जन में खौफ है छाया
जीवन में अब कुछ नहीं ख़ास,
जीवन बचे अब यही है आस,
चीन की बेवकूफियों का है ये काम,
पड़ा है दुनिया में जिसका कोरोना नाम,
शहरों के चहुं ओर पड़ा है सुनसान,
बढ़ रहा दिन प्रति दिन lockdown का
दिन और मान,
दुकान, फैक्टरी, परिवहन हुआ है सब ऐसे ठप,
खुलेगा lockdown इसी का प्रतीक्षा है हमें अब,
खुलेगी ख़ुशियों का खजाना फिर एक बार,
जल्दी से मिले कोरोना वैक्सीन का उपचार,
