thegrl withpoetry_23
Others
कदर तक नहीं जिन्हें तुम्हारी,
उन्हें तुम दुनिया बना बैठे!!
लोग सही ही कहा रहे थे तुम्हें
तुम तो अनजानों यूँ इश्क कर बैठे
प्यार की लफ्जों की दास्तान
तुम गैरों को सुनाकर बैठे!
कदर