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Aditya Kabra

Others

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Aditya Kabra

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ज़िन्दगी जीने का सलिका

ज़िन्दगी जीने का सलिका

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हाँ सीख लिया मैंने ज़िन्दगी जीने का सलिका

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीने का तरीका 


तूफ़ान मन में कितने भी उमड़ रहे हो

एक मुस्कान के साथ आई एम् फाइन

कह के रहने का तरीका 

हाँ सीख लिया मैंने ज़िन्दगी जीने का सलिका

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीने का तरीका 


टीचर ने लगाई डॉट या दोस्तों ने खींची लात 

सब ठीक कह के बेचैन रहने की है बस बात 

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात 


हो पढ़ाई की टेंशन 

या नौकरी में बॉस करे रोज एक नया

काम सेशन

रख चेहरे पे एक मुस्कान 

गाओ सब ठीक की राट

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात 


आए वो नटखट बचपन की याद 

या वो थग लाइफ वाली जवानी की बात 

लाइफ सही है कह के तन्हा जीने की है बस बात

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात 


याद आए वो अपनी पहली मुलाकात 

या वो इंतेगाम की रात 

सब बदल जाते है कह के भुला दो अपने

सारे जज़्बात

यही है ज़िन्दगी जीने की बात

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात 


मिले क्रश से रिजेक्शन

या ना हो पेंशन सेशन

तिनका तिनका रोज घुटते जियो हर रात 

बस यही है ज़िन्दगी जीने की बात

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात 


कुछ करने से पहले लोगो का सोचो सौ बार

सोसाइटी से पहले खुद के पर खुद काट दो सोगार 

करो कुछ ऐसा जिससे लोग तारीफ़ करे 

तुम्हारी ख़ुशियाँ, तुम्हारे सपने भले जागीर सड़े

यही है ज़िन्दगी जीने की बात

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात 


कितना मोटा,कितना छोटा

कद, रंग, रूप के ताने सुन्न मत कर मन को तंग

यही है ज़िन्दगी जीने का रंग

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीने का ढंग


हाल ए दिल अपना ना कर किसी को भी बयां

यहां ‌‌सब मतलब की है मशीन जो किसी

के लिए नहीं जिया

पूछे जो हाल कोई सब ठीक बता दिया कर

अक्सर झूठ बोल बात कर लिया कर

यही है ज़िन्दगी जीने की बात

थोड़ा हँस के थोड़ा मर के जीना हर रात


हाँ यही है, हाँ यही है जिंदगी जीने की बात 

तिनका तिनका रोज़ मरना हर रात 



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