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Vikas Yadav

Others


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Vikas Yadav

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एक दिल

एक दिल

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अक्सर कुछ बातें खुद से ही मैं करता हूँ

सवाल जवाब के तूफानों में खुद से ही मैं लड़ता हूँ

खामोशी भरे सन्नाटे में मन का शोर सुनता हूँ

रातें तो सो जाती हैं मुझ में लेकिन मैं रातों में जागता हूँ


भय था जिनका कल तक अब उन ज़ख्मों पे हँसता हूँ

काँटे भरे रास्ते अब खुद ही चुनता हूँ

ये क्या कम है, पत्थर की इस दुनिया में 'एक दिल' लिए फिरता हूँ

अक्सर कुछ बातें खुद से ही मैं करता हूँ


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