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Paboo Prakash Poonar

Others

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Paboo Prakash Poonar

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चंचल तरुण काया

चंचल तरुण काया

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होती चंचल तरुण काया

मन जैसा चाहे वैसी ही काया

स्वार्थ सिद्धि और परोपकारी

हरेक को आकर्षित करती काया

सबसे सुंदर दिखने को

चाहत करती है काया

तेल पाउडर और क्रीम को

अपने ऊपर मलती काया

होती चंचल तरुण काया।

ढ़लती उम्र ढ़लती काया

जैसी काया वैसा मन

मन पर सवारी करती काया

परस्पर द्वेष और प्रेम

बढ़ाती जाती है काया

होती चंचल तरुण काया।

देख अनुकूल उतेजित होती काया

निर्बल बलिष्ठ होती काया

तन रोगी तो मन रोगी

सुख दुख को प्रकट करती काया

होती चंचल तरुण काया।


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