बहन की तमन्ना
बहन की तमन्ना
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इंसान के रूप में मैंने जन्म लिया, ये उस खुदा की रहमत है,
पर मेरी कोई बहन नहीं ये मेरी फूटी किस्मत है।
मुझे बेटा बना कर भेजा गया,
अच्छे माता पिता मिले, भरा पूरा परिवार मिला।
फिर भी लगता है जैसे अधूरा सा है संसार मिला।
खुशी का कारण बनता हूँ ,
पर कोई नहीं जानता तनहाइयों में छुप छुप कर रोता हूँ।
आखिर क्या ख़ता हुई हमसे,
जो छोटी सी बात भी न पूरी की गई तुझसे।
पूरी दुनिया स्वार्थी है ये तो जानता था
पर तू सबका मालिक होकर भी स्वार्थी है ,ये आज पता चला है मुझे।
क्या बहन इतनी कीमती होती है?
जो हर किसी को नहीं दी जा सकती!
आखिर बदनसीब ही बनाना था तो इंसान क्यों बनाया मुझे?
बहन देनी ही नहीं थी तो बहन की आशा क्यों जगाई मुझमें?
