अनमोल यादें
अनमोल यादें
1 min
224
हृदय भीतर समाई
बहुत सी कहानियाँ
कुछ अनमोल यादें
तो कुछ अमिट निशानियाँ
भूले नहीं भुलाती
वो नटखट नादानियाँ
वो पान के इक्के
ईंट और रानियाँ
वो लूडो की साँप सीढ़ी
वो कैरम की गोटियाँ
वो सावन के झूले
वो माँ की नरम रोटियाँ
दिल को आज भी लुभाती हैं
गुज़रे हुए ज़माने की रवानियाँ
वो बेतुकी सी हरकतें
वो बेपरवाह मनमानियाँ।
