अनमोल यादें
अनमोल यादें
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हृदय भीतर समाई
बहुत सी कहानियाँ
कुछ अनमोल यादें
तो कुछ अमिट निशानियाँ
भूले नहीं भुलाती
वो नटखट नादानियाँ
वो पान के इक्के
ईंट और रानियाँ
वो लूडो की साँप सीढ़ी
वो कैरम की गोटियाँ
वो सावन के झूले
वो माँ की नरम रोटियाँ
दिल को आज भी लुभाती हैं
गुज़रे हुए ज़माने की रवानियाँ
वो बेतुकी सी हरकतें
वो बेपरवाह मनमानियाँ।
