अकेला
अकेला
1 min
340
समझौता इस कदर किया है हमने
जिंदगी की कमियाँ खामोशी से सह लिया हमने,
जहां कुछ खोने का डर है,
वहां हम पहले पहुँचे हैं
जहा खुशियों का माहौल है,
वही हम रास्ता भटके हैं
खुशियाँ भरी निगाहों से हजारों में रहते है हम,
खुदशे ही खुद अकेले रहते हैं हम ।
