अकेला
अकेला
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समझौता इस कदर किया है हमने
जिंदगी की कमियाँ खामोशी से सह लिया हमने,
जहां कुछ खोने का डर है,
वहां हम पहले पहुँचे हैं
जहा खुशियों का माहौल है,
वही हम रास्ता भटके हैं
खुशियाँ भरी निगाहों से हजारों में रहते है हम,
खुदशे ही खुद अकेले रहते हैं हम ।
