STORYMIRROR

Solanki Sandhya

Others

2  

Solanki Sandhya

Others

आज कल के रिश्ते...

आज कल के रिश्ते...

1 min
386

आज कल के रिश्ते भी 

थोड़े अजीब से होते है ...

कई बार, कोई न होकर भी 

पास होने का एहसास होता है ...

और कई बार हमारे पास बैठा इन्सान 

मानो मिलो दूर हो लगता है ...

कई बार जैसे किसी

अन्जान सी बेड़ियों में ,

जकड़न सा महसूस होता है ...

तो कभी खुले आकाश को देखते ही

मानो पंख निकल आते है ...

"संध्या" शायद यही जिंदगी है

मानो तो लगने लगता है ...

-संध्या "दिल थी" )






विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन