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Shalinee Pankaj

जमीं पे आफ़ताब हूँ मैं,अच्छाई का बेजोड़ मेहराब हूँ मैं। चाह नही ऊंचाइयों को छूने की,ऊंचाइयों की शुरुआत हूँ मैं।।

  Literary Colonel

चाह थी पर इस तरह नहीं

Abstract

सूरज के बढ़ते ताप से ये सूक्ष्म जीव मर जायेगा।

1    0 0

मेरे प्यारे बच्चे

Others

बस दिल से दुआ कर आशीर्वाद का हाथ सर पर फेरती हूं कि तुम खूब आगे बढ़ो

1    234 2

वो बातें बचपन की

Drama

मिल जाये कोई कभी तो आँसू छलक जाते हैं।

1    161 1

मेरे प्रेरणा स्त्रोत

Others

मैं नहीं जानती कि मैं किसी की प्रेरणा कभी बनी हूँ या नहीं, जानती हूँ तो इतना कि जी

1    351 12

तुम्हारा साथ

Romance

जिसकी जगह भी तुमने ले ली उसका शुक्रिया अदा करना चाहूँगी।

1    255 3

एक बुरा ख्वाब

Drama

बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं पर ये बुरा ख्वाब आज भी।

1    260 33

दोस्ती

Others

यार तू कहीं भी रहे सलामत रहे ये याराना दोस्ती बस दिल से निभाना।

1    262 3

मेरे पापा

Others

सोची लिखने की आज फिर शुरुआत करूँ जंग पड़ी लेखनी को कोई सौगात दूँ, तो याद आ गई मुझ

1    200 41

भुला

Inspirational

यही सच्ची इंसानियत व मानवता की सीख है।

1    348 48

हत्या करें हत्यारे

Abstract

ईश्वर की बनाई कृति को क्यों नष्ट किया जाता है, मानव होकर मानवता को शर्मसार किया जात

1    21 1

नदी

Drama

मैला आँचल कर जाते हैं अब आसुंओं के संग बहते जाती हूं।

1    207 36

बस तेरा साथ चाहिए

Drama

इतना प्यार में हूँ मैं तेरे हर सांस भी मेरी थम सी जाती है।

1    118 0

अनजान सफर अजनबी के साथ

Abstract

कुछ मीलों की दूरी में भी मिठास बढ़ने लगी।

1    238 11

तुम्हारे लिए

Abstract

झंझावती हवा भी न तोड़ पाएगी मुझे हर तूफ़ान का उफान कम कर दूँ।

1    394 2

गप्पे

Drama

मुस्कुराता चेहरा गप्पें लोगों को करीब लाता है।

1    231 28

रौनक

Romance

जब तेरी दहलीज की शोभा बन आये गुलजार जिंदगी हुई हम खुद पे इतराय।

1    168 1

तू ही तू

Romance

इर्द गिर्द घूमती तेरी विरह का कैसा ये आया इम्तहान है।

1    239 34

चपलता

Abstract

विचारों में डूबे रहने से भाता है ये चपलता मुझे।

1    248 26

शिशिर

Abstract

जतन करे इतना प्राण जैसे बचे ठिठुरती स्याह रातें कब बीत जाए।

1    319 2

पुरखा

Abstract

कितना भी वैभवशाली घर हो बढ़ा बिन पुरखे के अर्थहीन है खड़ा

1    93 5

मेरे जाने के बाद

Romance

जो कभी कभी आये और याद भी न रहे।

1    178 39

सुबह

Drama

मेरी प्यारी हसीं सुबह खुशियां चाहूँ न चाहूँ नाराजगी।

1    99 2

पापी चित्त

Abstract

पाप का एक निवाला भी कौन भला पचा पाया है।

1    155 0

मेरे जीवनसाथी

Romance

तू ही मुझे हर बार मिले जन्म न भी लूँ।

2    239 32

नीर

Abstract

आंखों में और बह जाती है अपनी प्रवाह में।

1    244 51

पाषाण

Tragedy

हृदय कर लिया पाषाण का, निष्ठुर हो गए मानवता के लिए।

1    159 14

सफर

Abstract

मोह उलझा सत्य को भूल जाता है जीवन की नश्वरता परम् सत्य है।

1    258 18

तीन तलाक

Others

तीन तलाक कहना आसान बिखरे जिंदगी तिनका समान

1    64 3

पूनम के चाँद

Romance

तुझमे मेरा अक्स हम दोनों की दूरी में एक तेरा ही साथ जैसे तुझसंग चाँदनी का साथ अमर..

1    185 0

बात बचपन की

Abstract

जब तक मम्मी से तबियत से कुटाई न हो जाये गुस्सा होना पल भर के लिए पापा के मनाने के।

1    236 2

तुम्हारे लिए

Romance

तेरे दिल के हर ज़जबातों में मैं खुद को पाना चाहूँगी।

2    277 6

दुश्वारियाँ

Drama

न सीखा बड़ों के अनुभव अब जन्म न व्यर्थ गवाऊं।

1    368 47

सुकून की तलाश में

Fantasy

इस हरियाली के बीच और राह ही न मिले बाहर तक जाने की।

1    227 39

दरख्तों की तरह मन

Abstract

ये जिस्म की चमचमाती इमारत इन दरख्तों की तरह।

1    206 44

एक कोना खुद के लिए

Abstract

एक कोना खुद के लिए।

1    329 19

औऱ जीना सीख लिया मैंने

Abstract

अब तो भीड़ में जीने की आदत सी हो गयी !

1    284 39

हाँ मैं प्रेम में हूँ तेरे

Romance

तेरे दिल के हर ज़जबातों में मैं खुद को पाना चाहूँगी।

2    232 23

आँखें

Tragedy

पलकें हर वक्त रहती है भीगी भीगी।

1    279 1

दहलीज

Abstract

जैसे नदी दो साहिल के बीच बहती है अपनी वेग में दिल की दहलीज तक

1    199 1

कारवाँ

Inspirational

न बारिश की बूंद कहीं उस पर ये रेतीली हवाएँ।

1    263 41

काश ये बचपन फिर लौट आता

Others

हमेशा खुश रहना हर बात पे मुस्काना निश्छल

1    188 0

बचपन

Others

काश ये बचपन फिर लौट आता तो जीती अपने हिसाब से।

1    212 19

पत्र

Abstract

पत्र कागज के पन्नों में स्वर्णिम होता है।

1    312 47

आँधी

Abstract

या तो बिखर ही जाओ या संवर जाओ।

1    171 27

बारिश और तुम

Others

कब आएगा मेघ इस इंतजार में मूंद लेती है कुछ पल को पलकें

1    46 0

एक तलब चाय की..

Others

सुबह चार बजे उठकर पढ़ना हो तो अक्सर पापा बनाते थे चाय धीरे-धीरे आदतें बदली

1    54 2

कल्पना

Abstract

किसी अनिष्ट की कल्पना रुह तलक चली जाती है। मानो जिस्म में जान सा मन में कल्पना।

1    313 1

ये दोस्ती

Others

कभी लड़ते झगड़ते भी है बचपन वाली तू तू मैं मैं भी करते है जो भी जैसी भी है बात कर के बचपन की ...

1    88 4

अस्तित्व

Others

बेशक मैं एक मजबूत साख औंधे पड़ी हूँ अब भी जमीन में पर थामा है अपनी टहनीयों को और इन...

1    300 1

हृदयांश मेरी

Others

गोरी नहीं हूँ माँ जो लग जाये मुझे नजर अर्धचंद्र और अँखियों में क्यों लगाती है तू इस कदर।

1    318 1

वृक्ष

Tragedy Inspirational

माँ की तरह नहीं जननी ही है हमारी प्राथमिक उपभोक्ता ये वृक्ष ही तो है हमसे पहले ये ही त...

1    125 5

परिवार

Tragedy Inspirational

गया संस्कार और प्यार क्यों उजड़ा मेरा संसार जिस्म के टुकड़े हो गए हो जैसे बिखर गया मेरा परिव...

2    179 1

बेटी

Inspirational

नहीं पराया धन कहना तेरी माँ मैं सुंदर गहना कोई कुछ भी कह ले माँ मुझे तेरे ही संग रहना।

1    204 2

ये मेघ

Abstract

ग्रीष्म की उष्णता में तप्त धरती ताकती है बादल को बेसब्री से इंतजार करती है।

1    224 3

सुता

Tragedy

हर रोज अखबारो को ही दुखित खबरों से भरा पाऊँ काली रणचंडी बन जाये नारी हर एक को समझाऊँ।

1    94 3

मेरे धरती के भगवान

Inspirational

धरती पर अगर भगवान है तो वो है हमारे माता पिता जो हमे पग पग पर प्रेम देते हैं और जीवन का पाठ पढ़ाते है...

1    66 1

रोटी

Inspirational

गौ ग्रास और कोओं का क्या खिलाना बहुत सी इसकी कहानी रोटी रहित कैसी जिंदगानी

1    176 0

ले चल मुझे

Others

अनेकता में भी एकता है नदिया बलखाती है जिन पर पेड़ो की डाली आज भी लहराती है।

1    290 2

तुम्हारे लिए

Romance

मैं प्रेम मे हूँ तेरे प्रेमिका हूँ मैं तेरी तू मुझको जी ले तो ज़रा कुछ पल की भी नाराजगी त...

2    180 2

काश!!तेरे कलम की स्याही बन जात

Others

स्याही ही बन जाती मेरी आत्मा का निचोड़

1    128 3

चाह तेरे साथ की

Tragedy

पूजा अब भी करती हूँ सिर्फ पुनः तेरे सानिध्य के लिए।

1    94 2

दरख़्त

Drama

ढह जाती है एक दिन ये जिस्म की चमचमाती इमारत इन दरख्तों की तरह।

1    68 1

और मैं बदल गयी

Drama

मैं खुद को अब आईने में पहचान नहीं पाती।

1    106 2

प्रकृति और नारी

Tragedy

बिन प्रकृति मानव अधूरा है और बिन नारी पुरुष अधूरा है फिर भी पेड़ काटे जाते हैं और नारी का निरादर होता...

1    167 1

दस्तक

Romance

जो तुम दस्तक दे जाते हो, दिल से रूह तक तेरा सुरूर छा जाता है..

1    446 2

एक रिश्ता नदी और पत्थर का

Abstract Inspirational

ये शैवाल की परत जो मुझपे जम गई है, तुझमें उगी ये हरियाली, हमारे साथ को अमर कर रही, दिखा रही हमा...

1    68 2

दोस्त

Inspirational

मैं आज यही कहती हूँ, यार ये जिंदगी है कोई इम्तिहान नहीं, व्यस्त रहो पर मस्त भी...

1    124 5

अब मुक्त हूँ

Drama

बदत्तर मौत से जिंदगी हो तेरी सुकून रूह को मेरी तब मिले।

1    146 0

आँसू

Drama

आँसुओं के बहाने खुद को खाली करते रहते हैं।

1    349 13