जमीं पे आफ़ताब हूँ मैं,अच्छाई का बेजोड़ मेहराब हूँ मैं। चाह नही ऊंचाइयों को छूने की,ऊंचाइयों की शुरुआत हूँ मैं।।
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हाँ, बहुत सारे दोस्त है मेरे पर मेरे बेस्ट फ्रेंड के बेवजह रूठ जाने से कोई अपना सा नही लगा किसी की wish नही किया मैंने #स्वरचित शालिनीपंकज
बीत जाती है उम्र तमाम किसी के दिल में जगह बनाने में और कुछ पल ही लगता है सब ख़ाक में मिलाने में। ◆शालिनीपंकज◆
तेरी नादानी मेरी जिद बन गयी तेरी बातें मेरी ईश्क बन गयी साथ चले थे इस सफर में हम पलट के देखि जो मैं तन्हा रह गयी। शालिनीपंकज