पल्लव सान्याल – लेखक परिचय
पल्लव सान्याल एक ऐसे कवि एवं कथाकार हैं, जो साधारण जीवन और प्रकृति की सहज सुंदरता को अपनी रचनाओं के माध्यम से उजागर करते हैं। उनका बचपन और शिक्षाजीवन समस्तिपुर में बीता, जहाँ से उन्होंने जीवन को बहुत करीब से समझा। बाद में वे स्थायी रूप से पटना में बस गए।
कर्मव्यस्त... Read more
पल्लव सान्याल – लेखक परिचय
पल्लव सान्याल एक ऐसे कवि एवं कथाकार हैं, जो साधारण जीवन और प्रकृति की सहज सुंदरता को अपनी रचनाओं के माध्यम से उजागर करते हैं। उनका बचपन और शिक्षाजीवन समस्तिपुर में बीता, जहाँ से उन्होंने जीवन को बहुत करीब से समझा। बाद में वे स्थायी रूप से पटना में बस गए।
कर्मव्यस्त जीवन होने के बावजूद साहित्य और सृजनशीलता के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ। उनकी कविताओं और कहानियों में आम लोगों का जीवन, गाँव-कस्बों की सादगी, प्रकृति के दृश्य और बीते दिनों की स्मृतियों की गहरी नॉस्टैल्जिया स्पष्ट रूप से झलकती है।
पल्लव सान्याल हिंदी और बांग्ला दोनों भाषाओं में समान रूप से लेखन करते हैं। उनकी भाषा सरल, सहज और भावनात्मक है, जो सीधे पाठक के मन से जुड़ जाती है। वे जीवन के छोटे-छोटे पलों में छिपी सुंदरता को शब्द देते हैं और बिना किसी जटिलता के गहरी संवेदनाओं को प्रस्तुत करते हैं।
उनकी रचनाओं में पुरानी यादों की सौंधी खुशबू और प्रकृति का मानवीय स्पर्श पाठकों को एक आत्मीय संसार में ले जाता है, जहाँ शब्द कम बोलते हैं और भाव अधिक महसूस होते हैं। Read less