मैं एक हिंदी रचनाकार हूँ जो अपने अनुभवों व विचारों को शब्दों में गूंथ कर प्रभु चरणों में अपनी रचनाओं और कविताओं के रूप में समर्पित करता हूँ।
हम जीवन में कितना बढ़ते सूरज सा हर दिन ही चढ़ते हम जीवन में कितना बढ़ते सूरज सा हर दिन ही चढ़ते
खुद को नुमाया कर सकें बोल ही निकले थे बस अहसास सब थे लापता। खुद को नुमाया कर सकें बोल ही निकले थे बस अहसास सब थे लापता।
पर्याय बस ये शब्द गिद्ध पर्याय बस ये शब्द गिद्ध।। पर्याय बस ये शब्द गिद्ध पर्याय बस ये शब्द गिद्ध।।
चढ़ने के समय चक्र को कुछ हल्के फुल्के रूप में प्रस्तुत किया है। चढ़ने के समय चक्र को कुछ हल्के फुल्के रूप में प्रस्तुत किया है।
अब जीवन की इस जादूनगरी में एक और जादूगर का होता प्रवेश। अब जीवन की इस जादूनगरी में एक और जादूगर का होता प्रवेश।
एक दिन अचानक घड़ी बंद लगा समय अब रुक गया। एक दिन अचानक घड़ी बंद लगा समय अब रुक गया।
प्रिय लिखूँ प्रियतमा लिखूँ, बस मेरी लिखूँ या प्यारी भी संग, प्रिय लिखूँ प्रियतमा लिखूँ, बस मेरी लिखूँ या प्यारी भी संग,
हूँ अमर, पर उस रोज मैं भी मरता हूँ, हूँ अमर, पर उस रोज मैं भी मरता हूँ। हूँ अमर, पर उस रोज मैं भी मरता हूँ, हूँ अमर, पर उस रोज मैं भी मरता हूँ।
हर रंग समेटे संदेश कोई एक, रंग एक आज तुम भी ढलो। हर रंग समेटे संदेश कोई एक, रंग एक आज तुम भी ढलो।
वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते, वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते।। वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते, वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते।।