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मेले में हाथ छोड़ के जाना ही है चलन आंखों में उसकी याद की बेशक नमी रही मेले में हाथ छोड़ के जाना ही है चलन आंखों में उसकी याद की बेशक नमी रही
जेब में उम्मीदों की धूप, चंद सिक्के और कुछ गुमान लिए ! जेब में उम्मीदों की धूप, चंद सिक्के और कुछ गुमान लिए !