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दीप आँसुओं के वो..जलाते चली आ रही। दीप आँसुओं के वो..जलाते चली आ रही।
न करे गुमां जो अपने उजाले पर , वो सूरज देखना चाहता हूँ न करे गुमां जो अपने उजाले पर , वो सूरज देखना चाहता हूँ