I'm Dr.Ashish Kumar and I love to read StoryMirror contents.
मेरे बाबू जी की आवाज को ,जीवित बनाती ,मेरी कलम। मेरे बाबू जी की आवाज को ,जीवित बनाती ,मेरी कलम।
प्रज्ज्वल ,उज्ज्वल, उन्मुक्त बन; प्रखर, मुखर ,स्वच्छन्द बन। प्रज्ज्वल ,उज्ज्वल, उन्मुक्त बन; प्रखर, मुखर ,स्वच्छन्द बन।