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रंगों से लैस जो रहती थी वादियाँ, गंदगी से उसके भरे नज़ारे हो गए रंगों से लैस जो रहती थी वादियाँ, गंदगी से उसके भरे नज़ारे हो गए
जातिवाद की जड़ें उखाड़ो वर्ण व्यवस्था ले आओ। मुगलई, अंग्रेजी व्यभिचार से भारत माँगे आज़ाद जातिवाद की जड़ें उखाड़ो वर्ण व्यवस्था ले आओ। मुगलई, अंग्रेजी व्यभिचार से भारत म...
अब कहाँ सोच-ए-मशक्क़त भी क्या करे। अब कहाँ सोच-ए-मशक्क़त भी क्या करे।
बना ले उन्हें रूह-ए-लहर ज़िन्दगी के किनारों की। बना ले उन्हें रूह-ए-लहर ज़िन्दगी के किनारों की।
वक़्त है आया देश बचाओ इंक़लाब लाओ इंक़लाब लाओ, हमारा वोट ले जाओ। वक़्त है आया देश बचाओ इंक़लाब लाओ इंक़लाब लाओ, हमारा वोट ले जाओ।
जो मार के थे खाते अब फेंके टुकड़ों पे हैं निर्भर अकड़ हो जाती राख़ जब होता है इश्क़ जो मार के थे खाते अब फेंके टुकड़ों पे हैं निर्भर अकड़ हो जाती राख़ जब होता है इश...
फ़लसफ़े को तरसते तेरी दीद के दीवाने अर्श-ओ-मिराज़, लुत्फ़-ए-हया मरमरी-ए-संगी आलम-ए-हैरानी देखा... फ़लसफ़े को तरसते तेरी दीद के दीवाने अर्श-ओ-मिराज़, लुत्फ़-ए-हया मरमरी-ए-संगी आलम-...
कभी माहताब पर लहराते थे, जो इश्क़-ए–परचम, आज टूटे तारे के दीदार की भी, उम्मीद तक ना बची... कभी माहताब पर लहराते थे, जो इश्क़-ए–परचम, आज टूटे तारे के दीदार की भी, उम्मीद...
सबकी निग़ाहों की नज़र बन असद-ए-अमाल रौशन हुए जाती है। सबकी निग़ाहों की नज़र बन असद-ए-अमाल रौशन हुए जाती है।
काम फूलों का काँटों से कैसे हो गया। काम फूलों का काँटों से कैसे हो गया।