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टाइम जितना दोगे उतने अच्छे हो तुम भरोसे की बात छोड़ो बेवकूफ बनते हो तुम टाइम जितना दोगे उतने अच्छे हो तुम भरोसे की बात छोड़ो बेवकूफ बनते हो तुम
समझ ना सके उनके लिए अंजान हूँ मैं जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं समझ ना सके उनके लिए अंजान हूँ मैं जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं