कहानीकार कह लो ,, इतनी ही पहचान है मेरी 😊।
आज मेरा ये आखिरी खत है उनके नाम पर अफसोस उन्हे ये भी नहीं मिलेगा। आज मेरा ये आखिरी खत है उनके नाम पर अफसोस उन्हे ये भी नहीं मिलेगा।
मां मैं उन्हें कभी अपने मन की बात नहीं बताऊंगी, मां मैं उन्हें कभी अपने मन की बात नहीं बताऊंगी,
अब कहीं नहीं जाऊंगा मीरा जी, शिवाय की बातों में अपनापन था अब कहीं नहीं जाऊंगा मीरा जी, शिवाय की बातों में अपनापन था
मैं एक झटके से उठी और तेज कदमों से मंदिर से बाहर निकल गई मैं एक झटके से उठी और तेज कदमों से मंदिर से बाहर निकल गई
वो तैयार होकर सजधज कर नीचे हॉल में आई जहां सभी मेहमान बैठे हुए थे। वो तैयार होकर सजधज कर नीचे हॉल में आई जहां सभी मेहमान बैठे हुए थे।
मतलब वो सब भटकती पुण्यात्मा थी ,,,, जो मुक्ति के लिए हम सबकी मदद कर रही थी। मतलब वो सब भटकती पुण्यात्मा थी ,,,, जो मुक्ति के लिए हम सबकी मदद कर रही थी।
झूठे थे उसके सारे वादे वो तो बस लोगों के दिलों से खेलना जानता है झूठे थे उसके सारे वादे वो तो बस लोगों के दिलों से खेलना जानता है
मेरी शादी में मैंने उसे नहीं बुलाया क्योंकि मुझे लगा की वो मुझे भूल गया होगा और वो आया मेरी शादी में मैंने उसे नहीं बुलाया क्योंकि मुझे लगा की वो मुझे भूल गया होगा और ...
ओह तो सृष्टि नाम है इनका। सुनकर स्वयं मन ही मन सोचकर मुस्कुरा दिया ओह तो सृष्टि नाम है इनका। सुनकर स्वयं मन ही मन सोचकर मुस्कुरा दिया
विश्वा ने अपना मोबाइल नम्बर रती को दिया और फिर विश्वा और रती अपने अपने घर चले गए। विश्वा ने अपना मोबाइल नम्बर रती को दिया और फिर विश्वा और रती अपने अपने घर चले गए...