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#वो सतऱंगी पल

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नागपुर शहर की अग्रणी वो प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था "हिंदी महिला समिति" एवं स्टोरीमिरर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कहानी / कविता लेखन प्रतियोगिता

वो सतऱंगी पल

20 सितंबर 2020 से 05 अक्टूबर 2020 तक

वो सतरंगी पल! प्राण जब किसी की यादों में अकुलाने लगते हैं और यही पल हमें और आपको जीवन रूपी इंद्रधनुष से सतरंगी खूबसूरत पलों में हमें लपेटे कर उन बीती सुखद स्मृतियों में मदहोश कर देते हैं जहां सिर्फ हमें महसूस होता है - हम और वो मधुसिक्त पल हम नहीं खोलना चाहते नयनों के पलकों को क्योंकि डर है कि कोई प्रीत की बीन बजाने वाला आंखों से ओझल ना हो जाए,यर्थाथ के धरातल पर आ कर उन संतरगी पलों को खोना भी तो नहीं चाहते ----


प्रतियोगिता हेतु नियम व शर्तें : -

● यह प्रतियोगिता हर आयु के रचनाकारों के लिये है। आयुसीमा कोई मायने नहीं रखती।

● आप अपनी रचना कविता व कहानी किसी भी विधा में लिख सकते हैं पर रचना मौलिक, अप्रकाशित व अप्रसारित हो |

● शब्द संख्या रचनाकार के ऊपर है। हमारी तरफ़ से कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

● कोशिश करें की आपकी रचना पर ज्यादा से ज्यादा लाइक कमेन्ट आयें क्योंकि प्रतियोगिता का परिणाम निर्धारित करने में आपके लेखन शैली के साथ - साथ यह भी एक मापदंड रहेगा

● आपके द्वारा भेजी गयीं रचनाएँ मौलिक होनी चाहिए। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में सारा दायित्व प्रतिभागी का स्वयं होगा।

● प्रतिभागी अपनी नवीनतम फ़ोटो के साथ अपना संक्षिप्त परिचय (व्यवसाय, पत्र व्यवहार का पता व दूरभाषक्रमांक सम्मिलित हो) अपने स्टोरीमिरर की प्रोफाइल में अवश्य अपडेट करें।

● यदि रचना किसी भी दूसरे लेखक की कॉपी की हुई पाई जाती है तो स्टोरीमिरर की वेबसाइट से उसे डीलिट कर दिया जाएगा।

● अपनी कहानी या कविता में वर्तनी व व्याकरण का विशेष ध्यान रखें। कहानी मौलिक होनी चाहिए, आप किसी अन्य की रचना की नकल नहीं कर सकते।

● 2 ही विधाओं में रचनाएं स्वीकार की जाएँगी। कविता या कहानी।

● एक रचनाकार कितनी भी रचनाएँ प्रेषित कर सकता है।


परिणाम और पुरस्कार

● सभी प्रतिभागियों को स्टोरीमिरर की तरफ़ से 100रूपए का शाप वाउचर और डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

नोट: रचना केवल प्रतियोगिता के लिंक पर ही जाकर प्रेषित की जानी चाहिए। प्रतियोगिता में भागीदारी पूर्णतः निशुल्क है।



अचानक सबकी निगाहें हांल में आती एक महिला पर टिक कर रह गई ,,,,,पास ही खड़ी महिला से पूछा " यह कौन है भई ? उसने आश्चर्य से देखा और बोली "तुम नहीं जानती करता ? इनको कौन नहीं जानता "हिंदी महिला समिति , नागपुर" की अध्यक्षा

रति चौबे " है और भी बहुत सी संस्थाओं की अध्यक्षा है ।

अरे हां इनसे ही तो मिलने आई थी एक पत्रकार की हैसियत से,,, बहुत नाम सुना था पर देखा आज ,जैसा सुना था सही में वैसा ही पाया , कितनी शांत,सौम्य, प्रभावशाली व्यक्तित्व वाली है परिचय लेना था इनका शहर की जानी मानी हस्तियों

 का पास खड़ी सभी महिलाएं हंस पड़ी --अरे इनका क्या परिचय यह तो खुद ही "परिचय" हैं ।वैसे इनकी खासियत है भलै यह ना जानै किसीको पर इनको सब जानते हैं एक बार मिलों तो सभी इनके कायल हो जाते हैं बहुत मिलनसार सबको साथ लेकर चलती है , सामाजिक कार्यकर्ता भी है ,,अभी देहरादून में अभिनेत्री "श्रीदेवी" की स्मृति में श्रीदेवी नारी शक्ति से भी इनको सम्मानित किया और "अटल सम्मान" से नागपुर से इनको चुना सभी अखबारों में पढ़ा हमने ,अर्वाड सही में इन जैसी महिलाओं को ही मिलकर धन्य हो जाते हैं हकदार हैं भी यह,,, खूब लिखती हैं 20 साल तक किसी भी संस्था का अध्यक्ष रहना छोटी बात नहीं आल इंडिया ब्राह्मण संगठन नागपुर की अध्यक्ष हैं ,पढ़ी लिखी भी कम नहीं एम, ए डबल ,एल,एल ,भी बीएड लेक्चरर है ,,,, नागपुर में जौ शो करवाए तारीफें काबिल है

"किन्नर शो" बौनों का शों,,

मूक श्वानो का , सांस्कृतिक आदि प्रसिद्ध हुए ।

   " रति चौबे",,,नागपुर की एक पहिचान है , संस्थाएं इनके नाम से पहिचानी जाती है । एक अलग जाना पहिचाना इनका व्यक्तित्व है इनका पहनावा अलग है नागपुर में इनको देख आश्रय महिलाओं ने इनके जैसा रहना शुरू किया पर यह ना बदली जब कोई पूछता है बस धीरे से कहती हैं,,,,

"व्यक्तित्व सदा हमारा ऐसा

 अनोखा रहेगा कि कोई हमें

       छोड़ तो दे भले ही

   पर वो "याद"हमें "ताउम्र"

            रखेगा,,,,

लक्ष्य क्या है तो बोली

 "जीवन में गतिमान बनो

 अपनी एक पहिचान बनो "


 कीर्ति शर्मा ,,,,द्धारा



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