चलो न
चलो न
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चलो ना आज दादा जी से बात करते हैं,
उनकी भी आज सुनते हैं।
उन्होने भी तो प्यार किया होगा
किसी के लिये घरवालों से झूठ बोला होगा,
किसी के लिये समय से पहले दफ्तर गए होंगे,
छुप छुप के किसी को अपना कहा होगा,
चलो ना आज जाकर उनसे मिलते है, कुछ उनकी भी सुनते हैं,
कभी वो भी तो देर रात तक रोये होंगे,
कभी उन्हें भी तो परीक्षा का डर लगा होगा,
कभी उन्हें भी उनके माँ बाप की याद सताई होगी,
वो ये किसको बताएंगे
न जाने कब से ये दिल मे छुपाए हैं,
चलो आज उनसे चाय पर चर्चा करते हैं
आज सिर्फ उनकी सुनते हैं
चलो ना आज दादा जी की बात सुनते हैं!
चलो!
