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Biswojaya Rout

Children Stories

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Biswojaya Rout

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बंदर और खरगोश की दोस्ती

बंदर और खरगोश की दोस्ती

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 समय की बात है, एक जंगल में एक बंदर और एक खरगोश रहते थे। वे दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त थे। उनकी जोड़ी को जंगल के सभी जानवर पसंद करते थे क्योंकि उनकी मिलनसर दोस्ती कुछ खास थी।


एक दिन, खरगोश ने बंदर से कहा, "बंदर भैया, हम दोनों कितने अच्छे दोस्त हैं ना? हमें हमेशा साथ में खेलना चाहिए।"


बंदर ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, "हां, खरगोश भैया, आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। हम दोनों अच्छे दोस्त हैं और साथ में वक्त बिताना बहुत मजेदार होता है।"


इसके बाद, वे दोनों हर दिन साथ में खेलने लगे। वे दौड़-दौड़ कर खेलते, गांधीजी के विचारों पर चर्चा करते और जोक्स सुनाते। उनका समय बिताना दिन-रात बिताने के बराबर था।


एक दिन, बंदर ने खरगोश से पूछा, "खरगोश भैया, आपकी इतनी तेज़ी कैसे होती है? क्या आप मुझे बता सकते हैं?"


खरगोश मुस्कराते हुए जवाब दिया, "बंदर भैया, मेरी तेज़ी मेरे पैरों में होती है, लेकिन मैं भी अच्छे से खाना खाने का पूरा ध्यान रखता हूँ। अच्छा खाना खाने से मेरी ताकत बढ़ती है।"


बंदर ने सोचा, "यह सच में अच्छा तरीका है। मैं भी अब अच्छा खाने का पूरा ध्यान रखूंगा।"


इसके बाद, बंदर ने अच्छा खाना खाना शुरू किया। वह समय-समय पर फल, सब्जियाँ और नट्स खाने लगा। उसकी ताकत बढ़ने लगी और वह भी खरगोश की तरह तेज़ी से दौड़ने लगा।


दिन-ब-दिन, उनकी दोस्ती और भी मजबूत हो गई। वे जंगल के हर कोने में मिलकर मस्ती करते और आपसी सहायता करते रहते थे।


एक दिन, जब जंगल में बड़ा आफताब आया और आग लगने लगी, सभी जानवर बहुत परेशान हो गए। बंदर और खरगोश ने मिलकर सोचा कि वे सभी की मदद कैसे कर सकते हैं।


बंदर ने कहा, "खरगोश भैया, हमें जल्दी से जल्दी एक साथ काम करना चाहिए। हमें सभी को जंगल से बाहर ले जाना होगा।"


खरगोश ने सहमति दी और वे दोनों जंगल के हर हिस्से में जाकर जानवरों को सताने लगे। उन्होंने जानवरों को समय देकर बताया कि वे आफताब के आने के बारे में जानकारी हासिल करें और तत्पश्चात् उन्हें सुरक्षित स्थानों में ले जाने में मदद करें।


इस प्रकार, उनकी मिलकर मेहनत से सभी जानवर सुरक्षित हो गए और जंगल का आफताब भी कम हो गया। सभी जानवर बंदर और खरगोश की मदद के लिए आभारी थे।


इस घटना के बाद, उनकी दोस्ती और भी बढ़ गई। उन्होंने सीखा कि अच्छी दोस्ती की आधारशिला सच्चाई, सहायता और मिलकर काम करना होता है। उनकी दोस्ती का संदेश सभी जानवरों के दिलों में बस गया कि साथ में काम करके ही हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं।


इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि सच्ची दोस्ती में सहायता, सामर्थ्य और साझेदारी होनी चाहिए। चाहे हम जैसे भी हों, हम साथ मिलकर किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और सफलता प्राप्त कर सकते हैं।


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