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संदेह तजि ख़ूबसूरत धागे ज़रूरत कभी कभी तुमनें घर समय से बलवान और कोई भी नहीं है कभी धूप उठते ही संगसाथछूँटेनहीं कभी छाँव ज़रूरी ना पीना अबला पर नहीं, बेवक़्त यारों कलंक

Hindi कभी-भी Quotes