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दूसरेकेभरोसेबहुतजीलिएअबतक।चलोअबअपनेभरोसेकुछजीकरदिखाएँ। किसी न किसी ज़रूरी अब जब स्वप्रेम आग सताता है रोज़ रोना घर कभी छाँव जिस्म कभी धूप रिसता कब आती हैं 1832021 कभी मदिरा जीवन संग्राम मैंऐसासोचतीहूंअनुभवकरतीहूं सच्चाई

Hindi कभी-कभी Quotes